आज के समय में लोन लेना आम बात हो गई है। कोई होम लोन ले रहा है, कोई पर्सनल लोन, तो कोई मोबाइल या बाइक EMI पर खरीद रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है: मेरी सैलरी के हिसाब से EMI कितनी होनी चाहिए?
गलत EMI प्लानिंग की वजह से लोग financial stress, EMI miss, और CIBIL स्कोर गिरने जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि बैंक EMI कैसे तय करता है और आपके लिए सुरक्षित EMI क्या होनी चाहिए।
बैंक EMI कैसे तय करता है?
बैंक सिर्फ सैलरी नहीं देखता। वह एक फॉर्मूला इस्तेमाल करता है जिसे FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) कहते हैं।
FOIR का मतलब है कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI और फिक्स्ड खर्चों में जा रहा है। इसमें शामिल है:
- पहले से चल रहे लोन की EMI
- क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू
- नई EMI
सैलरी के हिसाब से सुरक्षित EMI सीमा
फाइनेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार सुरक्षित EMI इस प्रकार है:
- 30% – सबसे सुरक्षित और तनाव मुक्त
- 40% – मैनेजेबल, थोड़ी प्लानिंग जरूरी
- 50% – रिस्की, केवल शॉर्ट-टर्म के लिए
- 60–70% – उच्च वित्तीय दबाव, जोखिम भरी
बैंक 70% EMI क्यों देता है?
कुछ मामलों में बैंक आपकी सैलरी का 60–70% तक EMI अनुमति देता है। लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं है।
- होम लोन जैसे सिक्योर्ड लोन
- सरकारी या PSU नौकरी वाले
- उच्च और स्थिर आय वाले प्रोफाइल
- मजबूत CIBIL स्कोर (780+)
70% EMI लेने के वास्तविक नुकसान
- सैलरी आते ही लगभग पूरा पैसा EMI में चला जाता है
- साविंग और इमरजेंसी फंड नहीं बन पाता
- क्रेडिट कार्ड पर डिपेंडेंसी बढ़ जाती है
- EMI मिस होने से CIBIL स्कोर गिरता है
- मानसिक तनाव और चिंता बढ़ती है
होम लोन vs पर्सनल लोन EMI नियम
होम लोन:
- लंबी अवधि (20–30 साल)
- कम ब्याज दर
- बैंक ज्यादा EMI की अनुमति देता है
पर्सनल लोन:
- शॉर्ट टर्म (3–5 साल)
- उच्च ब्याज दर
- EMI सीमा सख्त होती है
CIBIL स्कोर का EMI पर प्रभाव
- 750+ – बेहतरीन लोन ऑफर
- 700–749 – सामान्य अप्रूवल
- 700 से कम – लोन लेना मुश्किल
संपूर्ण EMI प्लानिंग फॉर्मूला
- 50% – दैनिक खर्च
- 30–35% – EMI
- 15–20% – बचत और इमरजेंसी फंड
इस फॉर्मूले से आप बिना तनाव के लोन चला सकते हैं और भविष्य सुरक्षित रहता है।
सारांश
बैंक कुछ मामलों में 60–70% EMI की अनुमति दे सकता है, लेकिन समझदारी भरा निर्णय हमेशा 30–40% EMI ही होता है। बैंक का काम लोन देना है और आपका काम है लोन को बिना तनाव के सही तरीके से चलाना।
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